GMP .:: कल आज और हमेशा ..
तो भाई लोगों क्या हाल है ,,आज मेरे 6th सेम के एक्जाम्स ख़तम हो गए है ..अभी अभी मूवी ख़तम
करी है ..सुबह के 5 बज रहे है ..
..
अब में कॉलेज की बात करू ,,और GMP की बात न करू तो ,,ये तो बेमानी ही होगी ना.. GMP हमेशा से हमारे कॉलेज लाइफ का अभिन्न हिस्सा रही है और रहेगी .. तो GMP ,,मतलब तो आप जानते ही होंगे ..जब हम लोग फर्स्ट इयर में नए नए आये थे ,,
GMP हमारे लिए मना थी .. लेकिन बॉस लोग हमे कभी कभी वहां बुला लिया करते थे ..
अब इसे ही एक दिन मंत्री ,,मेद्त्व्ल बॉस ने 3rd यर से मिलाने की लिए GMP पर बुलाया था .
बॉस लोगो ने हमारी लेना चालू किया .. थोडी देर बाद क्या हुआ ,, अपने वीजानिया सर एंटी रेगिंग की गाड़ी लेकर आ धमाके ,, बॉस ने हमे कूल होने के लिए कहा..
. लेकिन सर को तो शक हो ही गया था ,,तो उन्होंने मेद्त्व्ल और प्रतीक बॉस को धर लिया ,,हमको भी बुला लिया और पूछा ,, की ये तुम्हे परेशां कर रहे थे क्या ?
हमने कुछ नही कहा .. सर ने बॉस लोगो को खूब हड़काया धमकाया ,,दो चार जमा भी दिए ,,बोले तो .....full.... ले ली ..तो इस तरह मेरा GMP से मेरी पहली पहचान हुई ..
स्टार्टिंग में GMP हमारे (1st यर) के लिए बेन थी तो कैसे जाते ..
कभी कभी चोरी छिपे मन में दर लिए ही जाते थे ,, तो ऐसे ही एक बार में गया हुआ था ,,बॉस आ धमके ..
ेमुझेे खोपच ेमें ले गए,, उसके बाद जो *** हुआ ,, उसे में यंहा नही बता सकता ..
..
2nd यर में हम लोग को 7 no. हॉस्टल अलोट हुआ था ,,साउथ अफ्रीका में २० २० वर्ल्ड कप हो रहा था ,, अब मेरे हॉस्टल में तो टीवी चले नही ,,इंडिया की टीम पेलम फोडे ,,अब हम लोग क्या करे GMP ही हमारा सहारा थी ..
अब GMP पर कुर्सिया लिमिटेड रहती है और दीवार पर भी गिनती के लोग ही बैठ सकते है ..तो स्टार्ट्स के मैचों में हमारा कटा (में और घनशयाम साथ में जाते थे )..तो हमने सोचा की यार,,, खड़ेखड़े तो मैच नही देखे जा सकते ,,क्या करे ..
फिर हम क्या करते थे की ,,जल्दी ८ बजे खाना खाते ,,और मैच शुरू होने के आधे घंटे पहले जी जाकर बैठ जाते ..और फिर वंहा शान से दीवार पर बैठ कर दुसरे लोगो को बैठने की जगह के लिए कोशिश करते ,,लड़ते झगड़ते देखते ,,साथ में इंडिया की पेलम जीतो का मज़ा उठाते ..
पाकिस्तान के खिलाफ बोवल आउट ने समां बाँध दिया था ..फिर आखिर के मत्चो में घंटे भर पहले जाकर बैठ जाते थे ,,युवराज की ६ सिक्स्स वाली फिफ्टी और मिस्बा के खिलाफ जोगिन्दर का आखिरी ओवर ,,,यार भाई क्या बताऊँ ,,इनता आनंद तो जीवन में कभी कभी ही मिलता है ..
..
3rd yr में मुझे २ no अलोट हुआ ,, शाम को जब कभी क्लास से आते तो लगभग पूरी क्लास वाले GMP जाते ,,जेब में पैसे होते तो दुसरे साथी भी मॉल डा जाते थे ..
तो मोनू और मेने सोचा यार भाई ये तो कुछ ज्यादा ही हो रहा है ..अब हम लोग क्या करते ,,नंगी जेब जाते ,,दुसरो से पैसे ले लेकर फ्री का मॉल खाते ,,फ्री की आदत लग गई तो आसानी से छुटी नही ,, अलग अलग लोगो से चार आना ,,आठ आना मांग मांग कर ,, रोज़ २०-३० जोड़ कर ऐश करते ..
लगभग महीने भर तक यही किया,,३०-४० लोगो से मांग लिया ..साब ,, चाहे कुछ भी कहो ,,इस तरह जो खाया ,,उसका स्वाद ही कुछ और था..
इस बार क्या हुआ ग्रुप में जूनियर कुछ ज्यादा आ गए ,,६थ सेम के एंड में जब उनकी फ्रेशेर हुई ,,तो उसके बाद वो हम सेनिओर्स को कुत्तो की तरह तलाश करते ,,और जब भी कोई सीनियर सरस GMP तड़ी कॉलेज कैंटीन एवें रोड पर भी दीखता ,,उसका बट्टा बिठा देते .. में भी कई( कुछ ज्यादा ही) बार बकरा बना ..
लगता है ,,5th सेम में मेने जो किया ,,उसका हिसाब भगवन ने मुझसे 6th सेम में चुकता करवा दिया ..
..
GMP आज भी है ,,कल भी रहेगी ,,GMP वाले मोटे भैया ,, वही अपने पञ्जाबी गाने सुनते रहंगे ,,छोरों को पकाते रहेगे..
..
जारी है..