Monday, May 4, 2009

EVEN SEM BOLE TO FESTY SEM -2

(पाठकों की प्रितिक्रिया प्रिरित करती है ,,आपके बहुम्ल्या सुझाव तथा संदेशों की प्रतीक्षामे)..एक आग्रह ह की पहले नीचे वाला पोस्ट पढ़े..

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लेकिन इस ज्ञान का मुझे ज्यादा फायदा नही हुआ ,, क्योंकि अगली बार फिर मेने कटवाया ,,अगले साल ब्लित्ज्लग में नाम से एक लड़की हमारी इवेंट हेड थी और बाड़ी और देव मेरे साथ थे ..अब महारानी जी इवेंट से एक दिन पहले फ़ोन करके बोले की,,यार देव कल में इवेंट में नहीं आ पाऊँगी ,,हमने पूछा ,,क्यों,, ऐसा क्या हुआ ,, तो बोले की,, यार घर जाना है ,,और वो अभी तक किसी जज को अप्प्रोच भी नहीं किया है ..
हमने सोचा उसे कोई जरुरी प्रॉब्लम होगी,,ठीक है .. हमने भाई सुबह तक दो प्रोफेस्सेरको जज बन्ने के लिए राजी कर लिया .. जब हमने उसे ये बात फ़ोन करके बताई ,,तो महारानी swati g हाजिर ,,(कल को महारानी swati g को घर जाना था ,, और अब पुरे दिन हमारे साथ ,,ऐसी भी क्या ही फटती है यार ).. हम भी क्या कहते ,,शांति से इवेंट खतम हो गया..
भाई समय बिता ,, और दुसरे इवेंट के भाई लोग को certis मिल गए .. मेने देव ,,और बाडी ने महारानी swati g ( जबरदस्ती की इवेंट हेड )को अप्प्रोच किया ,, तो उन्होंने हमे पहचानने से इंकार दिया ,, जो रेस्पोंसे दिया साहब मेरे हिसाब से बिलकुल भी मुनासिफ नहीं था,, भगवन बचाए ऐसी ****लड़कियों से .. बड़ी और मुझे ऐसे रेस्पोंस से शोक लगा ,,अब किसी की चाटने की आदत तो हमारी थी नहीं ,,मन मसोस के रह गए,, कुल मिलकर हमारा तगड़ा वाला कटा ..(कसम भवानी की ,, इन महारानी को तो आज भी एक आधा ज़माने का मन करता है ..
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पहले साल dramatics में कटवाने के बाद फिर मेने dramtics में बाडी और अखिल के साथ,, स्टेज कमिटी को ज्वाइन किया ,,इसमें हमने नेहा जी और वैदेही जी के निर्देश में हमने अपने हाटों से थर्माकोल ,,फेविकोल से स्टेज बनाया ,,साथ में १सत यर से लव शिवानी ,,और हमारे इयर की सिविल की २ लड़कियां थी ..हंसी मजाक के साथ कम किया .. बहुत ही प्यारा अनुभव था ..बोले तो दिल गार्डन गार्डन हो गया था .. नेहा जी ,,शिवानी आदि रेस्पोंस अच्छा था ..लेकिन हमारेइयर की सिविल की लड़कियां ..समे .. जहाँ swati g महारानी थी ,,तो ये भी किसी ठकूराइन से कम नहीं थी ..
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जब इवेंट चल रहा था,,तो रात को मौसम ने अपना तांडव दिखाया ,,तेज बारिश और आंधी ने हमारे हस्तनिर्मित स्टेज का अस्तित्व को ही संकट में डाल दिया था .. कुल्हादिया जी और साथियों के प्रयासों से इन आपातकालीन परिस्थितियों में हमने स्टेज को धराशायी होने से बचा लिया ..( यार अपने हाथ से बनाई हुए सामान अमूल्य होते है ,,इस बात से तो सभी सहमत होते है ,,तो ऐसे कैसे हम स्टेज को टूटने देते )..
उसी समय ,,प्रोफेस्सेर लोगो की परिवार सहित पार्टी चल रही थी ,, कुल्हादिया जी ने हमे उस भोज में शामिल करवाया ,, और हमने भीगे कपड़ो में उस दावत का भरपूर लुत्फ़ उठाया ,, राम कसम क्या आइस क्रीम थी ,,शायद १० से ज्यादा कटोरी खाई होंगी ,,लाजवाब .. क्या दिन था यार पहले तो "हस्त न्रिमित स्टेज "को बचाया ,,फिर इस लजीज दावत का लुत्फ़ ,, सुबहाँअल्ला..
3rd यर में यंहा के सिस्टम को समझ गया था ,, सो ब्लित्ज्लग नयूरों सरीखे इवेंट्स में बिना किसी खास प्रयास के ४-५ सर्तिएस जुगाडे .. और बाडी इस साल दो फेस्ट का हेड बना है..२नद यर के बाद इन फेस्ट में कमोबेश सभी का मन हट जाता है ..
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इसी तरीके ये इवेंट अपने कॉलेज के सीसी ,, नॉन सीसी,,डांसर,,प्लेयर ,,एक्टर ,, सबका मनोरंजन करते रहे ..इसी उम्मीद में ..
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