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इवन सेम में कॉलेज में MST,, Blitzlag ,,ताल सरीखे इवेंट होते रहते है ,,जिससे नाचने कूदने वाले ,,और उनको देखने वाले दीवानों का मन लगा रहता है ..तो सबसे पहले Blitzlag से सामना हुआ ,, इधर उधर पार्ट लिया ,, किसी के २nd तो किसी इवेंट के 3rd राउंड में पहुंचे ,, लेकिन सीनियर के कृपा रहते जीते नहीं ..
फिर MST का
आयोजन हुआ .. राम कसम ,,चिंटू केे अंकल,,मस्त इवेंट था .. badminton tennis volleyball के मैच देखे ..लेकिन सबसे ज्यादा मजा Girls Basketball में आया ,,क्या समा क्या माहौल था ,,बोले तो झक्कास ..(आप भावनाओं को समझ रहे हो न )..उस समय ये स्लोगन काफी फेमसहुआ था,,"अन्ना कुरकुरे मनार कुरकुरे ,, diskyoun diskyoun diskyoun).....(this pic is of MST grls basketball)..
फिर dramatics आया ,,मुझे कॉलेज के सिस्टम की अधिक जानकारी तो नही थी ,,तो सर्तिफिकाते के लालच में बस वोलेंतिएर बन गया ,,और स्टेज के पीछ्हे सजी धजी लड़कियों और लड़को को भी माइक दे रहा था ,, थोडा बहुत काम भी किया ,,पर इसी छकर में हमारी मेस का खानाछुट गया ..में और साहिल (दोनों १स यर )साथ में थे(११:३०पम),,अब क्या किया जाये ,,बस आक्नको में खाने
के सपने लिए ,,भास्कर के रह पर हम चल तो दिए ..लेकिन भूखा पेट तनहा सफ़र था .. दूर दूर तक किसी ढाबा या तड़ी का नमो निशान नही था ..
सरस उस दिन बदकिस्मती से बंद था ..तो बस गौरव तावेर की तरफ चल दिए ..वंहा का नजारा तो और भी वीभत्स था ,,दुकाने बंद पड़ी थी ,,खुदा की रहमत से हमे एक भेलपुरी वाला अपने सामान समाते हुए दिखा ,,बस होना क्या था ,, गए और कुत्तों की तरह भेलपुरी पर टूट पड़े ,, साहब भेलपुरी तो आपने भी बहुत खाए होगी ,,लेकिन जो स्वाद जो शांति जो आनंद की अनुभूति हमे हुयी थी ,,वो शायद ही आपको कभी हुए होगी..
लेकिन बाद में मेरा कट गया ,, मुझ 1st यर को कोई certi नही मिला ..तब मुझे यंहा केे सिस्टम का हल्का हल्का
ज्ञान हुआ ..
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